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© Bakul Raut

चल ना यार, चलता है
चल ना यार, चलता है,
अपने आप को बोल, दिल भी संभलता है।
बस थोड़े नासाज से है हालात,
पर अच्छा है, अपने आप से हुई मुलाकात,
चल ना यार, चलता है।
सुबह हुई शाम हुई पता ना चला,
कुछ किए बिना ही आज का दिन ढला,
चल ना यार, चलता है।
हिलता हूं, डोलता हूं और एक ही पैर पर चलता हूं,
अब गिरा तो नहीं, पर गिरने से डरता हूं,
चल ना यार, चलता है।
और कुछ दिन ऐसे ही निकाल लूंगा खुश खुश हो के,
बैठ के, सो के, बैठ के, सो के,
चल ना यार, चलता है।
यह दिन भी कौन से हमेशा तक होगे,
हसूंगा नहीं तो करूंगा क्या रोके?
चल ना यार, चलता है।

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© Bakul Raut
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